जमशेदपुर: 03 अप्रैल 2026 को बिरसा सेना द्वारा देवघर मौजा में एक अहम कदम उठाते हुए कांदरा मांझी को उनकी विवादित भूमि पर दखल-कब्जा दिलाया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद को लेकर की गई, जिससे ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखा गया।
ग्राम सभा और मांझी परगना महाल का पहले ही आ चुका था फैसला
ज्ञात हो कि इस भूमि विवाद में धनाई मुर्मू (कांदरा मुर्मू) के पक्ष में ग्राम सभा देवघर के दोनों मांझी बाबाओं तथा मांझी परगना महाल द्वारा पहले ही निर्णय दिया जा चुका था। इसके बावजूद कुछ पक्षों द्वारा इस फैसले की अनदेखी की जा रही थी।
बाहरी माफियाओं से साठ-गांठ कर कब्जे की कोशिश का आरोप
आरोप है कि रोमन मुर्मू, उसके भाई बिसू मुर्मू तथा उनके परिजनों द्वारा बाहरी भूमि माफियाओं के साथ मिलकर खाता संख्या 113, प्लॉट संख्या 1088, रकवा 1 एकड़ 25 डिसमिल भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
ग्राम सभा के फैसले की अवहेलना, जबरन कब्जा जारी
रोमन मुर्मू, बिसू मुर्मू एवं उनके पुत्र लालू मुर्मू, मनिक मुर्मू, किसू मुर्मू एवं सुनाराम मुर्मू द्वारा ग्राम सभा और मांझी परगना महाल के निर्णय की अनदेखी करते हुए कांदरा मुर्मू की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश जारी रखी गई।
ग्रामीणों और बिरसा सेना ने मिलकर दिलाया हक
स्थिति को गंभीर देखते हुए देवघर के ग्रामीणों और बिरसा सेना ने एकजुट होकर ग्राम सभा एवं मांझी परगना महाल (असनबानी तोरोप) के फैसले को लागू किया और कांदरा मुर्मू को उनकी जमीन पर पुनः कब्जा दिलाया।
बिरसा सेना की चेतावनी: जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं
इस मौके पर बिरसा सेना के केंद्रीय अध्यक्ष दिनकर कच्छप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई ग्राम सभा और मांझी परगना महाल के निर्णय की अवहेलना कर आदिवासियों की जमीन पर बाहरी लोगों को बसाकर जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो बिरसा सेना कड़ी कार्रवाई करेगी।
इस कार्रवाई के दौरान बिरसा सेना के केंद्रीय महासचिव दिनकर कच्छप, जमुदा, रैयती धनाई मुर्मू, सरकार मुर्मू, रेवती मुर्मू सहित कई ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे और इस निर्णय को सफल बनाने में योगदान दिया।
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