राजधानी रांची के कोकर से सामने आई शर्मनाक घटना: आदिवासी बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार

Ranchi: राजधानी रांची से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। इस घटना में आदिवासी समाज की एक बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसके चेहरे पर कालिख पोत दी गई और गले में तख्ती डालकर पूरे इलाके में घुमाया गया।

इस मामले को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री Champai Soren ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यही तथाकथित “अबुआ सरकार” का ‘मैयां सम्मान’ है? क्या झारखंड में अब महिलाओं और आदिवासियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा?

चंपाई सोरेन ने आगे कहा कि क्या किसी पर भी झूठा आरोप लगाकर उसकी इज्जत को इस तरह सरेआम नीलाम करना अब सामान्य हो गया है? क्या इसी दिन के लिए झारखंड राज्य का गठन किया गया था?

उन्होंने पीड़िता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “काजल बेटी, हम शर्मिंदा हैं कि आपके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार हुआ और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।”

अगर राज्य की कानून-व्यवस्था की बात करें तो स्थिति और भी चिंताजनक नजर आती है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में 10,113 रेप, 11,000 अपहरण, 9,213 हत्याएं और 60,000 से ज्यादा चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है।

यह भी सोचने वाली बात है कि अगर ऐसी घटना किसी अन्य राज्य में होती, तो व्यापक विरोध और कार्रवाई देखने को मिलती। लेकिन यहां सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह घटना भी बाकी मामलों की तरह दबा दी जाएगी? अगर सरकार में जरा भी संवेदनशीलता और जवाबदेही बची है, तो इस मामले में तत्काल और कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।

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