पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 3 अड्डे ध्वस्त, 1100 किलो जावा महुआ नष्ट

24 मार्च 2026 को झारखंड–पश्चिम बंगाल सीमा से सटे क्षेत्रों में अवैध चुलाई शराब के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ा और प्रभावी संयुक्त छापामारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में न सिर्फ अवैध शराब निर्माण के तीन अड्डों का पर्दाफाश हुआ, बल्कि भारी मात्रा में कच्चा माल और तैयार शराब भी जब्त की गई।

अभियान क्यों चलाया गया?
यह विशेष अभियान पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। चुनावी समय में अवैध शराब के निर्माण और तस्करी को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।

संयुक्त टीम की रणनीति
उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ और उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के निर्देश पर यह अभियान संचालित किया गया।
झारखंड उत्पाद विभाग ने पश्चिम बंगाल के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए एक संयुक्त टीम गठित की।

यह टीम नीमडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिला से सटे इलाकों—लाकड़ी, चतरमा और डोडोडीह के जंगलों—में सघन छापामारी के लिए पहुंची।
क्या-क्या बरामद हुआ?
छापामारी के दौरान प्रशासन को बड़ी सफलता हाथ लगी:

🔸 3 अवैध चुलाई शराब निर्माण अड्डों का उद्भेदन

🔸 लगभग 1100 किलोग्राम जावा महुआ मौके पर ही नष्ट

🔸 50 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त

इन अड्डों के संचालकों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

उत्पाद अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


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