माझी परगना माहाल बखुल, पावड़ा (घाटशिला) में बुधवार को धाड़ दिशोम के परगना बाबा, माझी बाबा एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता देश परगना बाबा बैजू मुर्मू ने की, जिसमें आगामी 15वें माझी पारगना माहाल महासम्मेलन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
देश पारानिक बाबा दुर्गा चरन मुर्मू के अनुसार, इस बैठक में समाज की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर गहन चिंतन-मंथन किया गया। उपस्थित परगना बाबाओं ने आदिवासी संथाल समाज की भाषा, संस्कृति, पूजा-पद्धति, रीति-रिवाज, न्याय प्रणाली तथा जन्म से मृत्यु तक के पारंपरिक क्रियाकलापों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को और मजबूत करते हुए पेसा कानून के तहत समाज का संचालन किया जाएगा तथा समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए समाज के अगुवाओं (पारगनाओं) को एकजुट होकर निस्वार्थ भाव से नेतृत्व करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि माझी पारगना माहाल धाड़ दिशोम का 15वां महासम्मेलन आगामी 28 और 29 मार्च 2026 को माहाल बखुल, पावड़ा (घाटशिला) में आयोजित किया जाएगा। इस महासम्मेलन में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा से पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुवा शामिल होंगे।
सम्मेलन के दौरान आदिवासी समाज के अस्तित्व और पहचान, पारंपरिक रीति-रिवाज, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा संवैधानिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में तोरोप पारगना बाबा हरिपोदो मुर्मू, दसमत हांसदा, बैजू टुडू, चांद्राय हांसदा, पारगना आयो पुन्ता मुर्मू, पद्मावती हेंब्रम, घाट पारगना बाबा लखन मार्डी, दुला मुर्मू, देश पारानिक दुर्गा चरन मुर्मू, यादव टुडू, लेदेम किस्कू, विरेन टुडू, मार्शाल मुर्मू, शत्रुघ्न मुर्मू, शास्त्री हेंब्रम, भादो मुर्मू, रामचंद्र टुडू, बिंदे सोरेन, श्याम टुडू सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।