माझी पारगना माहाल का 15वां महासम्मेलन: परंपरा, पहचान और स्वशासन पर बड़ा विचार मंथन

घाटशिला: माझी परगना माहाल की तैयारी बैठक आयोजित
महासम्मेलन को लेकर समाज हुआ एकजुट, पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
28-29 मार्च को होगा 15वां महासम्मेलन, कई राज्यों से शामिल होंगे प्रतिनिधि

22 मार्च 2026 को पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला स्थित माझी परगना माहाल बाखोल पावड़ा में धाड़ दिशोम के पारगना बाबा, माझी बाबा एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता देश परगना बाबा बैजू मुर्मू ने की।

समाज की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन

बैठक में पारगना बाबाओं और समाज के अगुवाओं ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर चिंतन किया। विशेष रूप से आदिवासी संथाल समाज की भाषा, संस्कृति, पूजा पद्धति, रीति-रिवाज और पारंपरिक न्याय व्यवस्था को संरक्षित करने पर जोर दिया गया।

पारंपरिक स्वशासन और पेसा कानून पर बल

यह संकल्प लिया गया कि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करते हुए पेसा कानून के तहत समाज का संचालन किया जाएगा। नेतृत्वकर्ताओं को एकजुट होकर समाज के हित में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

28-29 मार्च को होगा भव्य महासम्मेलन

15वां माझी पारगना माहाल महासम्मेलन 28 और 29 मार्च 2026 को घाटशिला में आयोजित किया जाएगा। इसमें झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा से भी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

महासम्मेलन में समाज की पहचान, परंपराओं के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

इस बैठक में हरिपोदो मुर्मू, दसमत हांसदा, बैजू टुडू, चांद्राय हांसदा, पुन्ता मुर्मू, पद्मावती हेंम्ब्रोम सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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