महतो ने बताया कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में शराब दुकानों को निजी हाथों में सौंपा गया है, लेकिन कई जगहों पर बिना ग्राम सभा की अनुमति के शराब का स्टॉक और बिक्री की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर शराब दुकानें खोलने की कोशिशें भी सामने आ रही हैं। कुछ मामलों में धार्मिक और सामाजिक स्थलों के पास भी शराब दुकानें खोलने की योजना है, जो नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने जिला उपायुक्त (DC) और अंचल अधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। महतो ने चेतावनी दी कि ग्राम सभा मंच इस मुद्दे को लेकर जिला उपायुक्त से मुलाकात करेगा और अवैध शराब दुकानों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि शराब दुकान खोलने से पहले ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य है, बिना अनुमति के दुकानें चलाना कानून का उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

