जमशेदपुर, Aadim Jumid आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा कोल्हान प्रमंडल की ओर से आदिवासियों के सामाजिक, संवैधानिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 14 सितंबर 2025 को XLRI ऑडिटोरियम, जमशेदपुर में एक दिवसीय "आदिवासी महा दरबार" का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज निर्मल महतो गेस्ट हाउस, जमशेदपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री कृष्णा हांसदा, पंचानन सोरेन और रामदास टुडू ने दी। इस महा दरबार के मुख्य संयोजक झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इस आयोजन में निम्नलिखित प्रमुख एजेंडों पर चर्चा होगी:
1. संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा: भारतीय संविधान द्वारा अनुसूचित जनजातियों को प्रदान किए गए सुरक्षा संबंधी अधिकारों पर विस्तृत विमर्श।
2. पारंपरिक स्वशासन की रक्षा: रूढ़िगत प्रथाओं और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के संरक्षण पर विचार-विमर्श।
3. पेसा अधिनियम: पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम और इसकी नियमावली पर चर्चा।
4. न्यायिक निर्णयों पर विशेष ध्यान: हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णयों जैसे आदिवासी महिलाओं के पैतृक संपत्ति अधिकार, समता जजमेंट, और वेदांता जजमेंट पर विशेष चर्चा।
5. सरकारी नीतियों पर विमर्श: हाल ही में 2 सितंबर 2025 को जनजातीय भाषाओं को छोड़कर क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए साहित्य अकादमी के गठन, बिना ग्राम सभा की सहमति के बालू घाटों के ई-ऑक्शन, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के अधिकार और जिम्मेदारियों, तथा कोल्हान में मानकी-मुंडा स्वशासन व्यवस्था पर सरकारी हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर चर्चा।
6. जमीन और धर्मांतरण पर अंकुश: जमीन अतिक्रमण, अधिग्रहण और धर्मांतरण पर रोक लगाने के उपायों पर विचार-विमर्श।
चर्चा के उपरांत सभी तथ्यों को राज्यपाल महोदय और महामहिम राष्ट्रपति महोदया को अवगत कराया जाएगा। साथ ही, न्यायालय से सहयोग की अपील भी की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंचानन सोरेन, सोनाराम मार्डी, कृष्णा हांसदा, सुबोध मूर्मू, संजय मूर्म सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह आयोजन आदिवासी समुदाय के हितों को मजबूत करने और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जमशेदपुर में 14 सितंबर को आदिवासी महा दरबार का आयोजन, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन होंगे मुख्य अतिथि
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सितंबर 12, 2025
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