गोड्डा, झारखंड | 11 अगस्त 2025
झारखंड के गोड्डा जिले में सोमवार को एक सनसनीखेज घटना में पूर्व राजनेता सूर्या हांसदा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह घटना बोआरीजोर थाना क्षेत्र के जिरली समारी पहाड़ी के पास हुई, जहां सूर्या हांसदा को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद हथियार बरामदगी के लिए ले जाया था। गोड्डा पुलिस के अनुसार, हांसदा ने भागने की कोशिश में पुलिस पर हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई, और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कौन था सूर्या हांसदा?
सूर्या हांसदा, ललमटिया थाना क्षेत्र के डकैता गांव का निवासी था, और झारखंड की राजनीति में भी उसका दबदबा था। 2019 के विधानसभा चुनाव में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर साहिबगंज जिले के बोरियो विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी था, जहां वह दूसरे स्थान पर रहा। 2024 में भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने पर उसने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से बोरियो सीट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गया। उसकी राजनीतिक शुरुआत झारखंड विकास मोर्चा (JVM) से हुई थी।
आपराधिक आरोप
सूर्या हांसदा पर गोड्डा और साहिबगंज जिलों में हत्या, आगजनी, अवैध खनन, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों के दर्जनों मामले दर्ज थे। हाल ही में 27 मई 2025 को ईसीएल की राजमहल परियोजना में गोलीबारी की घटना में वह मुख्य आरोपी था, जिसमें एक ऑपरेटर घायल हुआ था। इसके अलावा, साहिबगंज में क्रशर मिल में ट्रकों और हाइवों को जलाने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी उसकी अवैध खनन गतिविधियों की जांच कर रहा था।
गिरफ्तारी और एनकाउंटर
गोड्डा और साहिबगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सूर्या हांसदा को 10 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह कई मामलों में फरार चल रहा था। 11 अगस्त को उसे ललमटिया जंगल में छिपाए गए हथियारों की बरामदगी के लिए ले जाया गया। गोड्डा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार के अनुसार, इस दौरान हांसदा ने पुलिस से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी पड़ी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और विवाद
एनकाउंटर के बाद जिरली समारी पहाड़ी के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन पुलिस ने क्षेत्र को सील कर किसी को भी नजदीक जाने से रोक दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना ने तूल पकड़ लिया है। कुछ लोग इसे अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं, लेकिन झारखंडी समाज के लोग इसे पुलिस की साजिश के तहत हत्या मन रहे हैं। गोड्डा पुलिस ने इस मामले में शाम 4 बजे आधिकारिक बयान जारी करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

