रांची: झारखंड में प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने वाला एक और मामला सामने आया है। 23 अगस्त की शाम को 'लोकतंत्र 19' के संपादक तीर्थनाथ आकाश और पत्रकार सुनीता मुंडा को बिना किसी स्पष्ट कारण के अरगोड़ा थाना पुलिस ने हिरासत में लिया। दोनों पत्रकारों को दो गाड़ियों में आए पुलिसकर्मियों द्वारा उठाया गया और बाद में सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रिहा किया गया।
तीर्थनाथ आकाश लगातार सूर्या हांसदा के कथित पुलिस एनकाउंटर, जिसे लोग सुनियोजित हत्या मान रहे हैं, के मुद्दे पर मुखरता से खबरें प्रकाशित कर रहे थे। सूर्या हांसदा की 11 अगस्त को गोड्डा जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र में हुई मौत को लेकर परिवार और कई संगठनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया है। तीर्थनाथ इस मामले को 'लोकतंत्र 19' न्यूज चैनल के जरिए उजागर कर रहे थे और झारखंडी जनता की आवाज को बुलंद कर रहे थे।
आरोप है कि तीर्थनाथ और सुनीता की गिरफ्तारी नगड़ी में चल रहे 'हल जोतो आंदोलन' को कवर करने से रोकने की भी कोशिश थी। यह आंदोलन आदिवासी समुदाय की जमीनों पर कथित अतिक्रमण और सरकारी नीतियों के खिलाफ चल रहा है।

