जमशेदपुर : मणिपुर में चल रहे जातीय हिंसा के खिलाफ झारखंड जानतांत्रिक महासभा के द्वारा तिलका माझी चौक, डिमना में मणिपुर सरकार के खिलाफ में विरोध प्रदर्शन किया गया.
झारखंड जनतांत्रिक महासभा के दीपक रंजीत ने कहा कि मणिपुर में कुकी आदिवासी ईसाई समुदाय की दो महिलाओं को नंगा परेड कराने, उनके साथ सामूहिक दुर्व्यवहार करने और अंततः बलात्कार करने का वीडियो वायरल हुआ है.
बताया जा रहा है कि यह घटना 4 एमएममई की है और आरोप है कि इसे अंजाम देने वाले लोग मैतेई समुदाय के है.
दीपक रंजीत ने आगे कहा घटना की जाँच कर स्थिति स्पष्ट करने और मणिपुर में शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की है. लेकिन राज्य सरकार अपराधियों के साथ खड़ी है और प्रधानमंत्री इस मामले में मूकव्रत अपना चुके हैं. दरअसल वे मणिपुर सरकार के अपराध के साथ खड़े हैं. और इसी तरह का माहौल झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी करने के प्रयास में है.
इससे भी खराब बात है कि अंधभक्तों की टोली बेशर्मी की सारी हदें पार कर इस पर सवाल उठाने वालों को बंगाल और जम्मू कश्मीर आदि की याद दिलाकर इस घृणित अपराध को उचित ठहरा रही है.
कितनी हास्यास्पद बात है कि जो लोग पटना में पुलिस के हाल के लाठी चार्ज पर जमीन आसमान एक कर रहे थे, वे मणिपुर के इस जघन्य अपराध पर या तो मौन हैं या इतरा रहे हैं क्योंकि अपराधी उनके समुदाय के हैं.
वे क्षणिक आवेश में भूल गये हैं कि इतिहास पलटता है और सभी अपराधों का हिसाब करता है. तब वे रोयेंगे और आंसू पोंछने वाला कोई नहीं मिलेगा.
मोदी सरकार मणिपुर को गुजरात से भी बदतर बना चुकी है. इसका प्रभाव नार्थ ईस्ट के साथ ही शेष भारत पर भी पड़ेगा.
महासभा आगे कहता है आज जरूरत है कि हम मणिपुर की उत्पीड़ित जनता की एकजुटता में खड़ा होकर आवाज उठायें ताकि इस घटना के अपराधियों और पक्ष में खड़ी अपराधी सरकारों को दंड दिया जा सके. जब सरकार विफल हो जाती है, तो निर्णय जनवादी व न्यायप्रिय जनता को ही लेना पड़ता है. समय है, चुप्पी तोड़ें, आवाज उठायें.
मौके पर मुख्यरूप से सुनील हेम्ब्रम, दीपक रंजीत, सागर पाल, छोटू सोरेन, राखाल, रामेश्वर माहली, चमन सिंह, सोनू सिंह, सुनील रजक, विनय नरेश मुर्मू, अंकुर कुड़मी, डॉ राम कविन्द्र, प्रहलाद महतो, बादल धोरा आदि लोग उपस्थित थे.

