सुबह 10 बजे चौका के माझी बाबा, नाईके चौका ग्रामसभा एवं विभिन्न पारम्परिक ग्रामसभा के लोगों के साथ विधिवत संथाल रीति रिवाजों के मुताबिक झार दाग् तापांग दाग् (तांग हांड़िया) चढ़ाकर पुजा शुरू किया गया।
मौके पर आदिवासी कल्याण मंत्री चम्पाई सोरेन पहुंचे मंत्री और जिप सदस्य के हाथों से संथाल हुल की अमन नायिका फुलो-झानो मुर्मू की प्रतिमा का अनावरण किया गया, साथ में मौजूद थे पातकोम दिशोम पारगाना बाबा रामेश्वर बेसरा,पातकोम दिशोम माझी पारगाना महल के महासचिव श्यामल मार्डी, ईचागढ़ के विधायक सबिता महतो, ईचागढ़ भाग दो के जिला परिषद सदस्य ज्योतिलाल माझी, चांडिल के एसडीएम और सीओ भी मौजूद थे।
वहीं आदिम जुमिद न्यूज से बातचीत में गांव गणराज लोक समिति के करमु मार्डी ने बताया मुर्ती बनवाने में सबसे ज्यादा सहयोग तरून दे ने किया है और जेएमएम के वरिष्ट नेता सुखराम हेम्ब्रम नेभी काफी सहयोग किया।
मंत्री चंपई सोरेन ने कहा हमारे पूर्वजों ने अंग्रेज सरकार के दमन और गुलामी के विरुद्ध तिर के नोक पर जवाब दिया और उस संथाल हुल में फुलो-झानो भी थे इसलिए आज उन बिर शहीदों को यार करने की दिन है।
आगे कहा जो लड़ाई है ये जमीन हमार खेत खलिहान हमारा हम यहां किसी का हुकुम नहीं चलने देंगे हमने जंगल झाड़ काटकर खेत बनाया हम उसमें खेती करते हैं।
हमारा सामाजिक व्यवस्था है इसीलिए हमारा किसी चीज की कमी नहीं है, किसी के गुलाम में नहीं रहेंगे।
बाबा तिलका मुर्मू, सिदु-कान्हू,चांद-भैरव,फुलो-झानो, बिरसा मुंडा ऐसे अनेक बिरों ने कुर्बानी दी इसी लिए आज क्रांति का दिन बताया।
देश के आजादी में कई स्वतंत्र सेनानियों का हाथ है पर इतिहास के पन्नों पर जो पहचान होनी चाहिए थी वो फुलो-झानो मुर्मू का जगह क्यों नहीं आपकी सरकार क्या करेगी? सवाल पर मंत्री साहब का जवाब सुनिए - आज आजादी होकर भी बहुत दिन हो गया ना, भारत आजाद होने के बाद 75 साल आगे निकल गया,और हमारा जो संस्कृतक है हमारा देव स्थान है।
हेमंत सरकार ने आज शुरू किया है जो देव स्थान है उसे सौंदर्यीकरण किया जाएगा ताकि जो हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया हमारा भासा , परंपरा, संकृति, देव स्थान मिटने नहीं देंगे ये काम हमलोग तेजी से काम शुरू कर दिए हैं।
मंत्री चंपई सोरेन ने बीजेपी पर हमला करते हुवे कहा झारखंड अलग राज होने के बाद 17-18 साल राज किया लेकिन यहां के लोगों के उपर शोषण किया, परंपरा को मिटाने का कदम उठाया है यहां के बेरोजगारों का फौज बनाया विस्थापित करने का काम किया है, आज सरायकेला खरसावां जिला में 1700 से अधिक छोटे बड़े निजी उद्योग हैं उनमें हेमंत सरकार ने कानून बनाकर 75% यहां आदिवासी मुलनिवासी काम में होंगे, हमारे साथ हर बार धोखा हुआ है, आगे कहा झारखंड आंदोलन में जितने भी शहीद हुए हैं उन सब के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड का भूगोलिक स्थित को समझ लिए हैं उन शहीदों के सपनों को पुरा करने के लिए काम शुरू कर दिए हैं।
मंच पर कई वक्ताओं ने अपनी बातें रखी।
मंच का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति पद हांसदा और एवं कामेंटेटर लालू सोरेन कर रहे थे।
आयोजकों में मुख्य रूप से शक्ति पद हांसदा,राजू अंसारी,महाबिर हांसदा, कुरली माझी बाबा संजीव टुडू,गाजू मुर्मू,कृष्ण मुर्मू, विश्वनाथ मुर्मू, महेंद्रा टुडू,परेश हांसदा, शंकर, अरून सोरेन, सोमरा सोरेन आदि दिखे।




