आदिवासी जन परिषद महिला मोर्चा, पूर्वी सिंहभूम जिला समिति के तत्वावधान में जिला समिति गठन एवं सदस्यता अभियान का आयोजन बारीडीह स्थित शकुंतला उद्यान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रूबी भाषा ने की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना, जिला समिति का गठन करना तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ना था। साथ ही आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति, परंपराओं एवं संवैधानिक प्रावधानों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी आदिवासी समाज के अनेक लोग अपने संवैधानिक अधिकारों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से धर्म, संस्कृति, परंपरा एवं संवैधानिक अधिकारों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने सभी से संगठित रहने और समाज को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
महिला मोर्चा की पदाधिकारी सेलिना लकड़ा ने कहा कि महिलाओं को पेसा कानून तथा संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज तब और अधिक मजबूत होगा जब उसकी महिलाएं वैचारिक रूप से सशक्त होंगी। जानकारी के अभाव में आज भी आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं। साथ ही महिलाओं के भूमि अधिकारों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी जन परिषद महिला मोर्चा की नई जिला समिति का गठन किया गया। संगठन ने सुश्री संतोषी सांडिल को जिला उपाध्यक्ष तथा मांगली कुमारी मुंडा को जिला सचिव की जिम्मेदारी सौंपी।
वहीं पार्वती किस्कू एवं संध्या सरदार को सरायकेला-खरसावां जिला महिला मोर्चा समिति का प्रभारी बनाया गया।
सदस्यता अभियान के तहत कई महिलाओं ने आदिवासी जन परिषद की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर महिलाओं ने संगठन को मजबूत करने तथा आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में संगठन के केंद्रीय सचिव विष्णु मुंडा, केंद्रीय सदस्य दीपिका, रांची जिला महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष शीला उरांव सहित संगठन के कई केंद्रीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, महिलाएं एवं समाज के गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल थे।