कार्यक्रम का माहौल आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता के संदेश से सराबोर दिखा। इफ्तार के दौरान सभी ने मिलकर रोजा खोला और एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी ने झारखंड की गंगा-जमुनी संस्कृति और सामाजिक समरसता की झलक भी पेश की गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर कहा कि रमज़ान का महीना संयम, सेवा और आपसी प्रेम का संदेश देता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने का काम करते हैं। वहीं विधायक कल्पना सोरेन ने भी सभी रोजेदारों को रमज़ान की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक एकता और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
दावत-ए-इफ्तार का यह आयोजन सिर्फ धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का भी प्रतीक बना।
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