Ranchi: झारखंड की सियासत में रामनवमी के मौके पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब राज्य के मंत्री इरफ़ान अंसारी भगवा चुनरी ओढ़कर विधानसभा पहुंचे। उनका यह अंदाज़ सिर्फ एक प्रतीक नहीं था, बल्कि एक मजबूत संदेश था— त्योहार किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे समाज का होता है।
त्योहार पर राजनीति नहीं, एकता का संदेश
रामनवमी जैसे बड़े पर्व पर अक्सर जहां सुरक्षा और विवाद की चर्चा होती है, वहीं इरफ़ान अंसारी ने इसे भाईचारे और सौहार्द का अवसर बताया। उन्होंने साफ कहा कि इस पर्व को बिना किसी भेदभाव के मिल-जुलकर मनाना चाहिए।
DJ और जुलूस पर खुला समर्थन
अपने बयान में उन्होंने कहा, “डीजे बजाइए, हमें कोई दिक्कत नहीं है”। यह बयान खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कई जगहों पर DJ और जुलूस को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। उनके इस रुख से साफ है कि वे त्योहार को पूरे उत्साह और खुले माहौल में मनाने के पक्ष में हैं।
इरफ़ान अंसारी का यह बयान— “भगवान श्री राम मेरे दिल में बसते हैं”— सीधे तौर पर धार्मिक सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि आस्था किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह इंसान के दिल से जुड़ी होती है।
संदेश साफ: भाईचारा ही सबसे बड़ी ताकत
उनके पूरे बयान का सार यही है कि धर्म के नाम पर विवाद करने से बेहतर है कि लोग आपसी सम्मान और भाईचारे को प्राथमिकता दें।
रामनवमी जैसे पर्व समाज को जोड़ने का काम करें, न कि बांटने का यही संदेश उन्होंने अपने अंदाज़ और शब्दों दोनों से दिया।
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