रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के भविष्य को लेकर एक दूरदर्शी रोडमैप साझा किया है। 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन के मार्गदर्शन और पुरखों के बलिदान को याद करते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि अब झारखंड न केवल अपनी संस्कृति को सहेजेगा, बल्कि AI हब, ग्रीन एनर्जी और ग्लोबल एजुकेशन के क्षेत्र में भी दुनिया से लोहा लेगा।
शिक्षा और रोजगार: अब विदेशों में भी चमकेंगे झारखंडी युवा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में झारखंड के युवाओं के लिए यूके (UK) और जर्मनी जैसे देशों के साथ 'नॉलेज कॉरिडोर' बनाया जाएगा।
नई स्कॉलरशिप: मरंग गोमके और दिशोम गुरुजी के नाम से डॉक्टोरल स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर: नए 'सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस', कॉलेज और अत्याधुनिक लाइब्रेरी का जाल बिछाया जाएगा।
स्किलिंग: युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा (Global Competition) के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर तैयार किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण: मईया योजना से मिलेगी नई उड़ान
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार मईया बलवान योजना और मईया उद्यमी योजना पर जोर दे रही है। इसके साथ ही जोहार परियोजना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें माइक्रो एंटरप्राइज के लिए 'कैपिटल इंसेंटिव' (पूंजीगत प्रोत्साहन) दिया जाएगा।
आर्थिक क्रांति: क्रिटिकल मिनरल्स और AI हब
सीएम ने कहा कि झारखंड अब सिर्फ खदानों तक सीमित नहीं रहेगा। झारखंड स्टेट इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड के जरिए राज्य को क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन एनर्जी और AI हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया— "हम मदद बाँटने वाले नहीं, अवसर देने वाले लोग हैं।"
सामाजिक सुरक्षा और पुरानी पेंशन (OPS)
सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सर्वजन पेंशन योजना और मईया योजना से वंचितों को सम्मान मिला है। वहीं, राज्य कर्मचारियों के लिए OPS (पुरानी पेंशन योजना) लागू कर अपना वादा पूरा किया है। प्रवासी श्रमिकों के लिए भी जल्द ही एक वृहद कार्ययोजना सामने आएगी।
विरासत का सम्मान: बनेगा 'गुरुजी मेमोरियल'
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षों और उनके विचारों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए एक भव्य 'गुरुजी मेमोरियल' का निर्माण किया जाएगा, जो झारखंड के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक बनेगा।

