चांडिल: 29 मार्च को चौका थाना के खूंटी पंचायत भवन में आयोजित स्वशासन व्यवस्था की महत्वपूर्ण बैठक में संथाल समाज को नई पारगाना मिली। सर्वसम्मति से सरस्वती मुर्मू को पारगाना पद के लिए मनोनीत किया गया। यह निर्णय पारगाना प्रफुल्ल मुर्मू के निधन के बाद रिक्त पड़े पद को भरने के लिए लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता स्वयं सरस्वती मुर्मू ने की। कार्यक्रम में चांडिल प्रखंड के विभिन्न गांवों के माझी बाबा, पारंपरिक पदाधिकारी एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और इसके पूर्ण अनुपालन के लिए रणनीति तय की गई।
बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी गांव में सरकारी या गैर-सरकारी योजनाओं के कार्य पारंपरिक ग्रामसभा की अनुमति के बिना नहीं किए जाएंगे। साथ ही गांवों के पारंपरिक पदाधिकारियों की पहचान कर उनकी सूची सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। आगामी दिनों में पूरे चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के पारंपरिक ग्रामसभा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर माझी बाबा संजीव टुडू ने कहा कि समाज में एक महिला का पारगाना बनना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व में महिलाओं को प्राथमिकता देने से समाज और अधिक सशक्त होगा।
बैठक में प्रमुख रूप से माझी बाबा संजीव टुडू, बिष्णु सोरेन, योगेश्वर सोरेन, ताराचंद टुडू, दुलुराम मार्डी, हराधन बेसरा, भुटिराम टुडू, मकर बास्के, नारायण टुडू, राजाराम मुर्मू, रवींद्रनाथ टुडू, नगेन टुडू, उपार मुर्मू, रवि टुडू, परमानंद मुर्मू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
Tags
Chandil