सरहुल महापर्व को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को केंद्रीय सरना समिति द्वारा आमंत्रण पत्र भेंट

Ranchi: 20 मार्च 2026 को से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में केंद्रीय सरना समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 21 मार्च 2026 को आयोजित पारंपरिक सरहुल पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

झारखंड राज्य के प्रमुख सरना आस्था केंद्रों में से एक है। यहां हर वर्ष सरहुल पर्व के अवसर पर हजारों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आदिवासी संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन का भी प्रतीक माना जाता है।

सरहुल: प्रकृति और संस्कृति का पर्व

सरहुल आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति, पेड़-पौधों और धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। इस दिन विशेष पूजा के साथ-साथ पारंपरिक नृत्य, गीत और सामूहिक उत्सव का आयोजन किया जाता है।

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