रांची सोना हातू के श्रीपद महतो के कब्जे से मिथुन उरांव को मिली जमीन, बिरसा सेना का सहयोग


रांची: जिले के सोनाहातु थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडाडीह पंचायत के तिलाईपिड़ि गांव में लंबे समय से चला आ रहा जमीन विवाद अब गहरा गया है। मामला मिथुन उरांव के आंगन के सामने स्थित उनकी खतियानी जमीन का है, जिस पर उसी गांव के श्रीपद महतो और उनके भाइयों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगा है।

अकेला पाकर दी जा रही थी धमकी।

पीड़ित मिथुन उरांव का कहना है कि उक्त जमीन उनके नाम पर खतियानी है, लेकिन श्रीपद महतो और उनके परिवार ने वहां जबरन अपना भूसा रखकर कब्जा जमा लिया था। मिथुन का आरोप है कि जब भी उन्होंने अपनी जमीन वापस लेने की कोशिश की, महतो परिवार के सदस्यों ने उन्हें अकेले पाकर जान से मारने की धमकी दी। डर और अकेलेपन के कारण मिथुन अपनी ही जमीन का उपयोग नहीं कर पा रहे थे।

बिरसा सेना का मिला साथ।

न्याय की गुहार लगाते हुए मिथुन उरांव ने 19 मार्च को 'बिरसा सेना' के केंद्रीय अध्यक्ष दिनकर कच्छप के नेतृत्व में सोनाहातु थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ जमीन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए।

दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहे कब्जेधारी।


शिकायत के बाद मिथुन उरांव और बिरसा सेना के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचा, मिथुन उरांव के गांव के सहयोगियों ने जमीन की घेराबंदी शुरू कर दी। इस दौरान श्रीपद महतो ने वहां पहुंचकर काम रोकने का प्रयास किया और जमीन को अपना बताया। श्रीपद महतो का दावा है कि उन्होंने यह जमीन वर्ष 1942 में खरीदी थी, लेकिन जब उनसे कागजात की मांग की गई, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज या सेटलमेंट पेपर पेश नहीं कर सके।

गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पूर्व में भी ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी, परंतु वहां भी श्रीपद महतो अपनी दावेदारी साबित करने में असफल रहे थे। फिलहाल, कागजी तौर पर पलड़ा मिथुन उरांव का भारी नजर आ रहा है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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