जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर स्थित जिला सभागार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पर्व—विशेषकर रामनवमी (26–27 मार्च 2026)—के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखना, नागरिक सुविधाओं को सुचारू रखना और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना था।
बैठक की अध्यक्षता जिला उपायुक्त द्वारा की गई, जिसमें प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, बिजली, जल आपूर्ति, यातायात और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या रहा?
जमशेदपुर, जिसे "स्टील सिटी" के नाम से जाना जाता है, में हर साल रामनवमी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। रांची से लेकर जमशेदपुर तक यह पर्व सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है।
👉 इस वर्ष रामनवमी 26 मार्च (गुरुवार) को मनाई जाएगी
👉 मध्याह्न मुहूर्त: लगभग 11:13 से 13:41 बजे तक
ऐसे में बड़ी संख्या में निकलने वाली शोभायात्राएं, अखाड़ा कार्यक्रम और घाटों पर पूजा-अर्चना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी शुरू कर दी है।
कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्लान
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया (QRT) टीमों की सक्रियता, अफवाह या विवाद पर तुरंत कार्रवाई, जनसुविधाओं की पुख्ता तैयारी पर चर्चा हुई।
त्योहार के दौरान आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति, पानी और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं अलर्ट पर, ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष प्लान लागू किया गए।
ऐसे विषयों पर पहले से बैठकर बड़ी तैयारी की जा चुकी है ।
16 मार्च: शांति समिति बैठक (ईद, सरहुल, नववर्ष, रामनवमी)
21 मार्च: अखाड़ा समितियों के साथ विशेष बैठकें
19 मार्च: हेमंत सोरेन के सख्त निर्देश
त्योहारों में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
इसी दौरान चैती छठ (24 मार्च) को लेकर भी तैयारी की गई है। साथ ही 24–25 मार्च को ट्रैफिक रूट में बदलाव उनके अलावा घाटों और भीड़-प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, प्रशासन का मुख्य फोकस रामनवमी को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
Tags
Jamshedpur