जमशेदपुर : आदिवासी नवयुवक क्लब, भवन तालसा में रविवार को ग्रामवासियों ने दिसोम गुरु शिबू सोरेन और पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन की पुण्यतिथि पर शोक सभा आयोजित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। माझी बाबा दुर्गा चरण मुर्मू ने बताया कि शिबू सोरेन ने महाजन-सुदखोरों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने झारखंड को अलग राज्य बनाने और आदिवासियों को नशे से दूर रहकर शिक्षा अपनाने का आह्वान किया।
पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने आदिवासी समाज के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, संवैधानिक अधिकार, पेसा कानून और ओलचिकी लिपी में पढ़ाई शुरू करने हेतु ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए प्रयास किया, उनके प्रयासों से आदिवासी हित में कई नियम-कानून लागू हुए, जिन्हें अब अमल में लाने की जरूरत है।
सभा में गोड्डा के सूर्य नारायण हांसदा के कथित एनकाउंटर की निंदा की गई। वक्ताओं ने इस मामले में CBI जांच की मांग की और दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही, उन्होंने आदिवासियों से एकजुट होकर जल, जंगल, जमीन और अपनी पहचान बचाने के लिए शिबू सोरेन और सूर्या हांसदा जैसे योद्धा बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में केरवाडुंगरी पंचायत मुखिया कान्हू मुर्मू, सिदलाल टुडू, सुनिल हेम्ब्रोम, चाम्पाई बास्के, रावी बास्के, सिता मुर्मू, सोहागी बास्के, लक्ष्मी हेम्ब्रोम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

