ईचागढ़ से समान नागरिक संहिता के विरोध में प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन ।

अनुमंडल पदाधिकारी ईचागढ़

आज 8 जुलाई 2023 शनिवार को चांडिल अनुमंडल, प्रखंड- ईचागढ़ अवस्थित आदिवासियों की पारंपरिक ग्राम सभा बान्दु, सालबनी, जाहेरडीह,जामदोहा, गौरांगकोचा, बरडीह,कारलाबेड़ा, काठघोड़ा आदि द्वारा समान नागरिक संहिता/यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ईचागढ़ को सौंपा ज्ञापन । 


ज्ञापन देने के बाद माझी बाबा शनिश्याम मुर्मू ने बताया कि लोकतंत्र का हिस्सा होने के कारण संविधान का अनुच्छेद 13 (2) हमें शक्ति देता है कि इस कोड का हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करें ।

यह कि संविधान में अनुसूचित जनजाति का स्टेटस हम आदिवासियों के अलग रीति रिवाज, परम्परा, शादी, विवाह, जन्म, मृत्यु, संस्कार,उतराधिकारी तथा गांव की अलग व्यवस्था के तहत प्राप्त है,जिसकी मान्यता संविधान के अनुच्छेद 13 (3) (क) भी मान्यता देती है । 

बीडीओ ईचागढ़

एक समान नागरिक संहिता/ यूनिफॉर्म सिविल कोड हम देश भर के अनुसूचित जनजाति आदिवासी पर होने के साथ ही संविधान में अधिसूचित हमारी अनुसूचित जनजाति यानी कि ST का स्टेटस समाप्त हो जाएगा और चूंकि जल, जंगल, जमीन, खनिज पर आए सुप्रीम कोर्ट की कई तरह के जजमेंट हैं जैसे - समता जजमेंट- 1997, पी रम्मी रेड्डी जजमेंट-1988 आदि तथा देश भर में लागू जमीन के कानून टेनेंसी एक्ट और लैंड रिवेन्यू कोड कानून भी समाप्त हो जाएगा । 

वहीं शक्तिपद हांसदा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद -  334 के तहत लोकसभा और विधानसभा में MLA, MP अनुसूचित जनजाति आरक्षण का प्रावधान है वह भी ST के स्टेटस खत्म होने के साथ में ही आरक्षण भी समाप्त हो जाएगा ।

इसलिए हम देश के सभी आदिवासी यूनिफॉर्म सिविल कोड/एक समान नागरिक संहिता का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करते हुए देश के  आदिवासी समाज पर लागु न करें की मांग करते हैं । 

ज्ञापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से माझी बाबा गणेश टुडू , माझी बाबा दुबराज सोरेन, माझी बाबा धनेश्वर मुर्मू,माझी बाबा शनिश्याम मुर्मू, माझी बाबा गणेश मुर्मू , माझी बाबा सुनाराम एवं समाजिक कार्यकर्ता शक्ति पद हांसदा, महावीर हांसदा,दुबराज बेसरा, किसना मुर्मु, संजिव टुडू आकलु बेसरा एवं काफी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे ।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने