जमशेदपुर : आज 22 जुलाई 2023 को झारखंड जानतांत्रिक महासभा और जोश सामाजिक संगठन के तरफ से मणिपुर में पिछले तीन महीने से चल रहे हिंसा के खिलाफ और सामूहिक बलात्कार और शांति बहाली के लिए बिरसा चौक, साकची गोलचक्कर के समीप विरोध प्रदर्शन किया गया.
महासभा के दीपक रंजीत ने कहा कि मणिपुर का वायरल वीडियो 4-5 मई का बताया जा रहा है. और यह वीडियो अब जुलाई के आधा महीना पार यानि लगभग ढाई महीने के बाद मणिपुर से बाहर आता है. और इससे भी घटिया बात है कि देश के प्रधानमंत्री का मणिपुर तरफ ध्यान ही 3 महीने के बाद जाता है.
वह भी तब जब सुप्रीम कोर्ट ने डंडा दिखाया. अब सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री जी निवस्त्र कर गैंग रैप पर लगभग ढाई महीने के बाद दुःख व्यक्त करते है. अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रधानमंत्री जी को इतने शर्मसार कर देने वाले घटना का सूचना ही अभी मिला?
सूचना अब मिला तो तुरंत मिडिया में आकर बोल दिया तब तो ठीक है. और मान भी लिया जाए कि सुचना अब मिला तो इसका मतलब मणिपुर का पूरा का पूरा सिस्टम ही खत्म हो गया है. या इसे कोई नियंत्रण कर रहा है. और यह नियंत्रण करने वाला कौन है?
वहीं अजित तिर्की ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री का बयान आता है कि इस तरह का कई घटनाए हुआ है. तो महाराज आप वहा बैठकर कर क्या रहे हैं? या तो आप ही करवा रहे है? मणिपुर सरकार सिर्फ और सिर्फ वहा इंटरनेट बंद करवा दिया है ताकि वहा का न्यूज बाहर न आ पाएं, इंटरनेट खोल देने से सारा सच्चाई बाहर आ जायेगा.
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग किया कि अपना राजनीतिक घाटा फायदा को छोड़ कर मणिपुर में जल्द से जल्द शांति बहाली के दिशा में काम करें. नहीं तो मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागु किया जाए.
मौके पर मुख्यरूप से अजित तिर्की, दीपक रंजीत, राजेश गुंडुवा, डेविड दयाल पूर्ति, अन्थोनी दास, मीकू मिंज, उज्जल टोप्पो, राजू पास्टर, एन एच राजू, जेसीला लोरेंस, मधु लिमा लकड़ा, सोभा राव, जगत, रोज मेरी, जितराई हांसदा, रोजी विक्टर, जयनारायम मुंडा, उपेंद्र, आमोस आइना, अजय दास, विनसेन डेविड, शर्बन दास, बबलू बड़ाइक, आनंद राव, बादल धोरा, सुशील संडील, प्रेम कंडुलना, राजकुमार दास, रोशन मुंडा आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे.

