आज 12 जून 2023 को माझी पारगना माहाल पावड़ा, घाटशिला पूर्वी सिंहभूम में धाड़ दिशोम पारगना बाबा बैजू मुर्मू की अध्यक्षता में ओल चिकी हूल बैसी का बैठक संपन्न हुआ।
बैठक में आदिवासी परंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अनुषंगी इकाइयों का सामाजिक संगठनों के आधिकारिक संगठन ओलचिकी हूल बैसी का जिला स्तर कमिटि गठन किया गया।
जिला स्तरीय ओलचिकी हूल बैसी का अध्यक्ष बिन्दे सोरेन को बनाए गए,
उपाध्यक्ष रबी मार्डी, नयन मुर्मू,
सचिव धारमा मुर्मू बहरागोड़ा ,
सह सचिव सत्यरंजन मुर्मू, संजिव मुर्मू ।
कोषाध्यक्ष- कान्हाईलाल हेम्ब्रम, कुनाराम हांसदा, शिबू सोरेन ।
सलाहकार - धाड़ दिशोम के सभी तोरोप पारगना बाबा रहेंगे ।
इससंरक्षक- श्री बैजू मुर्मू, देश परगाना धाड़ दिशोम पूर्वी सिंहभूम सहित प्रत्येक प्रखंड से तिन तिन सक्रिय सदस्य को शामिल किया गया है। सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया कि अविलंब प्रखंड कमेटी गठन कर जिला कमेटी को सुचित करेंगे।
मौके पर उपस्थित पारगना बाबाओं ने संथाली भाषा व ओलचिकी लिपि को सम्मान दिलाने हेतु आदिवासी पारंपारिक स्वशासन व्यवस्था, झारखंड राज्य के सभी सामाजिक संगठनों के समर्थन से बनी ओलचिकी हूल बैसी द्वारा वर्तमान राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया गया है तथा समय अवधि में सरकार द्वारा पहल नहीं किए जाने पर आगामी 4 जुलाई 2023 को संपूर्ण झारखंड बंद करने की घोषणा की गई है। इस क्रमवार आंदोलन को गति देने के विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से तोरोप पारगना आयो पुनता मुर्मू, पारगना बाबा हरिपदो मुर्मू, घाट पारगना लखन मार्डी, पंचानन सोरेन, सुभाष चन्द्र मान्डी, माझी बाबा दुर्गा चरण मुर्मू, लेदेम किस्कू, दसमत मुर्मू, बिरेन टुडू, दिनेश कुमार मुर्मू, सनातन हेंब्रम, शुभदा सोरेन, बोदेन हांसदा, सुरेंद्रनाथ हंसदा, शेखर टुडू, मेघराय बास्के, पीतांबर हांसदा, शुरूबली हेंब्रम, मायावती हांसदा आदि काफी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।



