कार्यक्रम में पीएलवी कार्तिक गोप, दिगंबर महतो, निर्मल घोष, इशिता उरांव और गंगा सागर पाल ने ग्रामीणों एवं युवाओं को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और विधिक सेवाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पीएलवी ने कहा कि युवा किसी भी देश और समाज की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। युवाओं में ऊर्जा, प्रतिभा और नई सोच होती है। यदि युवा अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें तथा शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें, तो समाज को बेहतर दिशा दी जा सकती है।
उन्होंने युवाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, शिक्षा के अधिकार और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पीएलवी कार्तिक गोप ने किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने तथा बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा केवल अपने भविष्य के निर्माता नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार युवा ही मजबूत एवं न्यायपूर्ण समाज की नींव रख सकते हैं। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों और विधिक सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई तथा कानून के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
मौके पर पीएलवी कार्तिक गोप, दिगंबर महतो, निर्मल घोष, इशिता उरांव, गंगा सागर पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
