जमशेदपुर: आगामी 9 अगस्त (विश्व आदिवासी दिवस) के अवसर पर बिष्टुपुर स्थित रीगल मैदान (गोपाल मैदान) में आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति, संवैधानिक अधिकारों एवं समकालीन चुनौतियों को लेकर विशाल जनसभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी सोमवार को बुलवार्ड होटल, बिष्टुपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में आदिवासी छात्र एकता (केंद्रीय समिति) के पदाधिकारियों ने दी।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि आदिवासी छात्र एकता वर्ष 2007 से लगातार विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन करती आ रही है। इस वर्ष का आयोजन "अपनी पहचान को पहचानो" विषय पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 1994 में प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने की घोषणा की गई थी, ताकि विश्वभर के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, भाषा, परंपरा एवं अस्तित्व की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष के कार्यक्रम में झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों के विद्वान, छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जनसभा में आदिवासी समाज से जुड़े संवैधानिक, सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रेस वार्ता में बताया गया कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित जनसभा में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे—
1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के झारखंड में लागू होने से आदिवासी एवं ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा।
2. भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 का अनुसूचित क्षेत्रों में पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा, मानकी-मुंडा एवं पारंपरिक स्वशासन की स्वीकृति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं किए जाने की मांग।
3. सरना धर्म कोड को शीघ्र लागू करने तथा जनगणना में सरना धर्म को अलग पहचान देने की मांग।
4. पश्चिम बंगाल सहित उन राज्यों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को, जो अभी तक संविधान की पाँचवीं अनुसूची में शामिल नहीं हैं, अनुच्छेद 244(1) के तहत पाँचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग।
5. अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा (PESA) कानून लागू किए बिना नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर निकाय चुनाव कराए जाने पर आपत्ति तथा पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में पेसा के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग।
6. असम में निवासरत संथाल, हो, मुंडा एवं उरांव समुदाय सहित अन्य आदिवासियों को टी ट्राइब्स के बजाय संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने की मांग।
7. CNT Act, SPT Act एवं Wilkinson's Rule के प्रभावी अनुपालन एवं संरक्षण पर चर्चा।
8. पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में आदिवासी भूमि की सुरक्षा के लिए बनाई गई लैंड बैंक नीति को समाप्त करने की मांग तथा आदिवासी भूमि की सुरक्षा हेतु व्यापक जनआंदोलन चलाने पर विचार।
9. झारखंड में निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करने संबंधी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग।
10. हो, मुंडारी, भूमिज एवं कुड़ुख भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग।
11. संविधान की पाँचवीं अनुसूची एवं अनुच्छेद 244(1) के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर चर्चा।
12. आदिवासी समाज के समक्ष उभरती चुनौतियों, विशेष रूप से SIR (Special Intensive Revision), परिसीमन (Delimitation) तथा इनके आदिवासी प्रतिनिधित्व एवं अधिकारों पर संभावित प्रभावों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श।
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प्रेस वार्ता में संगठन ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान केवल संस्कृति से नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, भाषा, परंपरा, स्वशासन और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी है। यदि इन अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो आदिवासी समाज की अस्मिता और अस्तित्व दोनों प्रभावित होंगे। इसलिए समाज को संगठित होकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करना होगा।
संगठन ने झारखंड सहित देशभर के आदिवासी समाज, छात्र-युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से 9 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे बिष्टुपुर स्थित रीगल मैदान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
प्रेस वार्ता में जोसाई मार्डी (संस्थापक सह मुख्य संरक्षक), इन्दर हेम्ब्रम (संयोजक), हेमंत हांसदा (अध्यक्ष), सिंधुराम किस्कू, हरिसोहन डुडू, नन्दलाल सरदार, राज बांकिरा, स्वपन सरदार, गुरूचरण सोरेन, सुनील माहली, किशोर मार्डी, बुद्धिनाथ मुर्मू, गांधी माहली, चांदराय मार्डी, सलमान मुर्मू, सारजाम मार्डी, प्रभाकर हांसदा, दुलाल हांसदा, मिथुन मुर्मू, कल्याण हांसदा, देवानन्द सिंह, फागूराम हांसदा, सुरेश मुर्मू, प्रिन्स बारके, सकला मार्डी, हरेन सिंह भूमिज, बिरसिंह टोपनो एवं सनी पूर्ति सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
रिपोर्ट: आदिम जुमिद न्यूज़ | जमशेदपुर
