गम्हारिया: रापचाग् पंचायत भवन में रविवार को विभिन्न गांवों के विस्थापित परिवारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बादूबाद, सिधाड़ीह, कालिकापुर, उपरबेड़ा तथा सीतारामपुर डैम विस्थापित काउण्डेशन समिति के सदस्य एवं टाटा-कांड्रा रोड परियोजना से प्रभावित विस्थापित बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विस्थापित परिवारों की समस्याओं, रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास तथा क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए सभी विस्थापित परिवारों को एकजुट होकर संगठित संघर्ष करना होगा।
बैठक की अध्यक्षता बोकेशवर महतो ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड आंदोलनकारी हरमोहन महतो ने कहा कि विस्थापित परिवारों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार तभी मिल सकते हैं, जब सभी लोग एक मंच पर आकर संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करें। उन्होंने ग्रामीणों से आगामी आंदोलनों एवं कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विस्थापितों की लंबित समस्याओं को संबंधित प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। साथ ही प्रत्येक विस्थापित गांव में जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों को संगठन से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि विस्थापितों के अधिकारों, सम्मानजनक पुनर्वास, रोजगार और न्यायसंगत मुआवजे की मांग को लेकर भविष्य में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से संजय मंडल, मनोज महाली, लखन महाली, सबिता महतो, वीणा महतो, भरत मंडल, अजय मार्डी, बाबूलाल मार्डी, आशीष हांसदा, शिशिर मंडल, महादेव महतो एवं राकेश महाली सहित बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे।
