भरता आदिवासी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई ने शनिवार को जिला अध्यक्ष मदन मोहन सोरेन के नेतृत्व में उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गुजरात के डेडियापाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक चैतर भाई वसावा से जुड़े प्रकरण में संवैधानिक हस्तक्षेप करने और मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले में उचित हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में वन कानूनों और वनाधिकार से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की समीक्षा के लिए देश के सभी राज्यपालों की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया गया है।
जिला अध्यक्ष मदन मोहन सोरेन ने कहा कि देशभर में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे आदिवासी आंदोलनकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उनका आरोप है कि इस प्रकार की कार्रवाई के माध्यम से आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी आदिवासी समाज के संवैधानिक, लोकतांत्रिक एवं भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। इसके साथ ही पार्टी इस मुद्दे पर देशव्यापी जनजागरण अभियान भी चलाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश महासचिव कृष्णा हांसदा, दामू प्रमाणिक, सुनील रजक, नवीन हांसदा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
- विधायक चैतर भाई वसावा मामले में हस्तक्षेप की मांग।
- पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की समीक्षा का अनुरोध।
- वन कानून एवं वनाधिकार पर राज्यपालों की बैठक की मांग।
- देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा।