माफियाओं का रास्ता बंद, ईचागढ़ में प्रशासन ने बिगाड़ा बालू के खेल का गणित!

ईचागढ़ में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार

जिला समाचार

ईचागढ़ विशेष रिपोर्ट
ईचागढ़ में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, स्वर्णरेखा नदी के कई घाटों पर की गई ट्रेंच कटिंग।
स्वर्णरेखा नदी के घाटों पर प्रशासन की कार्रवाई

सरायकेला। जिला प्रशासन ने अवैध बालू खनन के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। उपायुक्त (DC) नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर रविवार को जिला खनन विभाग और ईचागढ़ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से ईचागढ़ थाना क्षेत्र के विभिन्न बालू घाटों पर औचक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई से बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

अवैध रास्तों को किया गया ध्वस्त

अभियान के दौरान स्वर्णरेखा नदी के सोड़ो, जारगोडीह, पुरानडीह और वीरडीह बालू घाटों का गहन निरीक्षण किया गया। हालांकि निरीक्षण के वक्त मौके पर कोई अवैध उत्खनन होता नहीं पाया गया, लेकिन सोड़ो, जारगोडीह और वीरडीह घाटों पर ट्रैक्टरों के टायरों के ताजे निशान मिले। इससे यह स्पष्ट हो गया कि इन रास्तों का उपयोग बालू के अवैध उठाव और परिवहन के लिए किया जा रहा है।

भविष्य में अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बालू घाटों तक पहुँचने वाले संभावित अवैध मार्गों की पहचान की गई और विभिन्न स्थानों पर गहरे गड्ढे (ट्रेंच) खोदकर रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया।

बर्दाश्त नहीं होगा अवैध खनन: उपायुक्त

मामले की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले में प्राकृतिक संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खनिजों के अवैध खनन, भंडारण या परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह का सघन जांच अभियान सतत जारी रहेगा।

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