म्यूटेशन और स्टेडियम की समस्याओं पर रहा जोर
जनता दरबार में मुख्य रूप से सरायकेला अंचल क्षेत्र का एक मामला सामने आया, जिसमें गलत रकबा दर्ज होने के कारण पिछले दो वर्षों से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) लंबित है। इसके अलावा, खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला की अव्यवस्था को लेकर आवेदन सौंपा। मांग की गई कि खेल गतिविधियों को सुचारू रखने के लिए स्टेडियम परिसर में हाटिया (बाजार) न लगाया जाए, बल्कि उसे पूर्व निर्धारित वैकल्पिक स्थानों पर व्यवस्थित किया जाए। साथ ही स्टेडियम की खराब लाइटों की मरम्मत का भी अनुरोध किया गया।
पारंपरिक ग्राम प्रधान का उठा मामला
चांडिल प्रखंड के टुईडूंगरी गांव से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला भी उपायुक्त के समक्ष आया। इसमें ग्राम सभा द्वारा चयनित प्रधान के बजाय पारंपरिक अधिकारों के तहत, पिता के निधन के बाद उनके पुत्र को ही ग्राम प्रधान के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है।
समय सीमा के भीतर कार्रवाई का निर्देश
इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन हस्तांतरित कर दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन-समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार किया जाए। साथ ही, उन्होंने पात्र लाभुकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Tags
saraikela-kharsawan

