24 जून 2023 को स्थान - स्मृति भवन गोविन्दपुर धनबाद मे माझी परगना महाल, मान दिशोम एवं ओलचिकी हूल बैसी के संयुक्त तत्वाधान में एक बैठक मान दिशोम देश पारगना बाबा किशोर कुमार मुर्मू के अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
बैठक में विशेष रूप से वर्तमान झारखंड सरकार द्वारा ओलचिकी लिपि के अवहेलना करने के विषय पर चर्चा किया गया।
विदित हो कि संथाली भाषा आठवीं अनुसूची में सम्मिलित है एवं इनका स्वतंत्र लिपि ओल चिकी है। इसीलिए मातृभाषा में पठन-पाठन हेतु संथाली भाषा के लिए ओलचिकी लिपि का व्यवहार किया जाना चाहिए। अन्यथा आदिवासी संथाल समाज आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे। समाज के अगवाओं ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दिया है कि 27 जून 2023 तक अगर ओलचिकी हूल बैसी द्वारा दिए गए मांगों पर विचार करते हुए उचित पहल नहीं की तो अगामी 4 जुलाई 2023 को संपूर्ण झारखंड बांद किया जाएगा।
बैठक में विशेष रूप से वर्तमान झारखंड सरकार द्वारा ओलचिकी लिपि के अवहेलना करने के विषय पर चर्चा किया गया।
विदित हो कि संथाली भाषा आठवीं अनुसूची में सम्मिलित है एवं इनका स्वतंत्र लिपि ओल चिकी है। इसीलिए मातृभाषा में पठन-पाठन हेतु संथाली भाषा के लिए ओलचिकी लिपि का व्यवहार किया जाना चाहिए। अन्यथा आदिवासी संथाल समाज आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे। समाज के अगवाओं ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दिया है कि 27 जून 2023 तक अगर ओलचिकी हूल बैसी द्वारा दिए गए मांगों पर विचार करते हुए उचित पहल नहीं की तो अगामी 4 जुलाई 2023 को संपूर्ण झारखंड बांद किया जाएगा।
जाम को अंजाम देने के लिए ओलचिकी हूल बैसी धानबाद जिला कमेटी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष का चयन कर प्रत्येक प्रखंड से दो-दो सक्रिय सदस्य को लिया गया है। और झारखंड बंद के दौरान शांतिपूर्ण तरीका से रोड रास्ता में आएंगे। समाज के हजारों लोग जि की रोड में ढोल नगाड़े के साथ नाच गन करते हुए बंद करने की रणनीति बनाई है ये सभी जानकारी तालसा माझी बाबा दुर्गा चरण मुर्मू ने दी।
बैठक में मुख्य रूप से ओलचिकी हूल बैसी के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मान्डी, महासचिव दुर्गा चरण मुर्मू, कोषाध्यक्ष पंचानन सोरेन, अनिल टुडू, आलसा सोरेन, गौतम मुर्मू, निलशन सोरेन, सिमा मुर्मू, सुमन कुमारी, पुनम मारांडी, धनाई मुर्मु , बालेश्वर सोरेन, रामदास सोरेन, धार्मा मुर्मू, दिलिप हांसदा,दुलाल हांसदा, विभिन्न गांवों के माझी बाबा, मुखिया, जिला परिषद सदस्य एवं काफी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।


